ममता गनवानी।

भोपाल। ईदगाह हिल्स स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक टेकरी में आयोजित गुरमत शिक्षा कैंप के दूसरे दिन बच्चों को धर्म, नैतिकता और सिख इतिहास के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। कैंप में बच्चों को गुरुद्वारा जाने के महत्व को व्यवहारिक रूप से समझाया गया तथा सिख पंथ के महान योद्धाओं जस्सा सिंह रामगढ़िया, जस्सा सिंह आहलूवालिया और सरदार बघेल सिंह के ऐतिहासिक योगदान से अवगत कराया गया।
अमृतसर से आए प्रचारक भाई गुरपिंदर सिंह जी ने बच्चों को सिखी सिद्धांतों के अंतर्गत केशों के महत्व और दस्तार (पगड़ी) की आवश्यकता के बारे में बताया। वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, अमृतसर से आए दरबार साहिब के हजूरी रागी जत्थे के भाई सुखप्रीत सिंह जी ने बच्चों को कीर्तन की शिक्षा प्रदान की।कैंप के दौरान प्रचारक भाई संतोष सिंह जी ने दस्तार सिखलाई तथा भाई गुरप्रीत सिंह जी ने सिख मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक ज्ञानी बलदेव सिंह जी द्वारा सिख रहत मर्यादा के अंतर्गत भोपाल के विभिन्न गुरुद्वारों से आए रागी जत्थों और ग्रंथी सिंहों को गुरु ग्रंथ साहिब जी के सहज पाठ एवं अखंड पाठ की मर्यादाओं और नियमों की जानकारी दी जा रही है।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, गुरुद्वारा नानकसर के अध्यक्ष सरदार परमवीर सिंह जी ने बताया कि गुरमत शिक्षा कैंप का आयोजन प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है। कैंप में शामिल होने वाले बच्चों के लिए भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों से निशुल्क आवागमन की व्यवस्था भी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा की गई है।





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