कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव श्री अमित शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल द्वारा 16 जनवरी को भोपाल पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि महापौर, MIC सदस्यों, तत्कालीन कमिश्नर, सहायक यंत्री एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए तथा मुख्य आरोपी असलम चमड़ा का नार्को टेस्ट कराया जाए।
जिंसी, भोपाल में PPP मोड पर संचालित स्लॉटर हाउस से 26 टन गौमांस की बरामदगी सामान्य घटना नहीं है। यह प्रकरण प्रशासनिक संरक्षण और राजनीतिक मिलीभगत की ओर स्पष्ट संकेत करता है। इतने बड़े स्तर पर अवैध कारोबार बिना जिम्मेदार तंत्र की संलिप्तता के संभव नहीं हो सकता।
प्रमुख प्रश्न इस प्रकार हैं:
- नगर निगम का निरीक्षण तंत्र इतने समय तक निष्क्रिय क्यों रहा
- महापौर और MIC की जवाबदेही कौन तय करेगा
- इस अवैध कारोबार को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण किसने दिया।
सिर्फ एक गिरफ्तारी कर पूरे षड्यंत्र से ध्यान हटाना न्याय के साथ अन्याय है। यह मामला करोड़ों नागरिकों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है। गौमाता का अपमान और अवैध व्यापार गंभीर, अमानवीय एवं असहनीय अपराध है।

ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगें रखी गईं:
- असलम चमड़ा का तत्काल नार्को टेस्ट कराया जाए
- CDR और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच हो
- महापौर, MIC सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष जांच हो
- दोषियों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए
यदि दोषियों को बचाने का कोई प्रयास हुआ तो जनता का कानून व्यवस्था से विश्वास टूट जाएगा। यह लड़ाई आस्था, कानून और जवाबदेही की है। सच सामने आना ही चाहिए और दोषियों को दंड मिलना अनिवार्य है।




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