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भारतीय सेना की अग्निपथ भर्ती योजना मे व्यापक सुधारो की आवश्यकता है: कर्नल पारवानी


यह तय है कि,अब सेना मे भर्ती केवल अग्निपथ योजना के तहत् ही होगी।इसलिए जो इस योजना के विरोध मे थे या पक्ष मे थे,सबका प्रयास होना चाहिए कि, इस योजना मे जो कमियाँ स्पस्ट रूप से दिख रही है,उनमे आने वाले दिनों मे सुधार हो। मेरे कुछ सुझाव है–
4 वर्ष बाद निकाले जाने वाले 75% अग्निवीरो के साथ अन्याय न हो,तथा उन्हे तुरंत दूसरी सरकारी नौकरी मिले ,इसका प्रयत्न करना चाहिये । गृह/रक्षा/प्रदेश के किसी भी विभाग मे,चार वर्ष बाद सेना से निकले अग्निवीरो के ज्वाइन करने पर,अग्निवीरो को वरिष्ठता और पे इंक्रीमेंट इत्यादि हेतु ,चार वर्ष की ante date seniority मिलनी चाहिए।अगर ऐसा नहीं हुआ तो,इनके समक्षक जो अग्निवीर न बनकर ,इन महकमो मे सीधा भर्ती हुए थे के मुकाबले, हमेशा हर मामले मे ये अग्निवीर चार वर्ष पीछे रहेंगे ।
सरकार ने गृह/रक्षा मंत्रालय के कुछ विभागों मे 10%आरक्षण की बात कही है, जो बहुत कम है ।इन विभागों मे मुश्किल से प्रति वर्ष करीब 60 हजार का इनटेक है, जिसका 10% मात्र 6000 है,जबकि प्रतिवर्ष 35000 से 40000 तक अग्निवीर सेवानिवृत्त होगे।।इसलिए यह आरक्षण 30% से कम नहीं होना चाहिए ।दूसरा कुछ प्रदेश सरकारो ने पुलिस भर्ती मे प्राथमिकता देने की बात कही है, इन प्रदेश सरकारो को स्पष्ट रूप से आरक्षण का प्रतिशत घोषित कर कानून बनाना चाहिए ।
अग्निवीरों का पैकेज फिक्सड है, महंगाई बढ़ने पर उन्हें महंगाई भत्ता नहीं मिलेगा ।जिस हिसाब से दिनों दिन महंगाई बड़ रही है, उसके चलते अग्निवीरों को मिलने वाले पैकेज का,आने वाले वर्षों मे वास्तविक मूल्य और कम हो जाएगा ,इसलिए अग्निवीरों को भी मुद्रास्फीति ऊपर जाने पर,महंगाई भत्ता मिलना चाहिए । इस विस॔गति के चलते आज भर्ती हुए अग्निवीर को भी पहले वर्ष मे उतना पैसा मिलेगा, जो चार वर्ष पहले भर्ती हुए अग्निवीर को पहले वर्ष मे मिला था।
इस योजना से यूनिटो मे भी कई समस्याओं के आने की संभावना है । छुट्टी मात्र 30दिन है, रेग्युलरस् को सभी प्रकार की छुट्टियाँ मिलाकर 90 दिन मिलती है ।इससे दूरदराज के इलाकों मे पोस्टड अग्निवीर,वर्ष मे एक बार से अधिक घर नहीं आ पाएंगे ।हम सब जानते है अधिकांश अग्निवीर गरीब घरों से होते है,घर गांव मे कई समस्याएं और काम होते है ।इसलिए छुट्टी कम से कम 45 दिन होनी चाहिये ।
अल्प ट्रेनिंग के कारण कैसी समस्याएं आएगी, इसका केवल एक उदाहरण दे रहा हूं ।मै इंजीनियर रेजीमेंट मे था,जिसमें करीब 10% संख्या ड्राइवरों की होती है, अब ड्राइवर अल्प सिखलाई वाले 18से 21वर्ष वाले होगे, क्या यह खतरनाक नहीं है?इसी प्रकार से अन्य कामों मे, विशेषकर तकनीक से संबंधित कार्यों मे भी मुश्किलें आएगी ।कुल 6महीने की ट्रेनिंग मे अग्निवीर हर किस्म की ट्रेनिंग करेगा, मेरे विचार से यह समय बहुत कम है, इसे बढ़ाकर कम से कम नौ महीने करना चाहिये ।
चार साल जिसमें ट्रेनिंग भी शामिल है, दक्षता के लिए कम है, इस पर भी विचार होना चाहिए,इसमे जिस तरह से अल्प सेवा कमीशनड् अफसर मे पहले 10साल ,जो सेना से जाना नहीं चाहता उसे 14वर्ष (10+4)का कमीशन दिया जाता है, अग्निवीरो के लिए 7वर्ष (4+3) किया जा सकता है ।
25%की जगह 50% को परमानेंट करने से, नए और अनुभवी सैनिको का अच्छा मिश्रण होगा ।
जयहिन्द, जय भारत
—कर्नल नारायण पारवानी, भोपाल।

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