10.06.2026
संत हिरदाराम नगर, भोपाल।
संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट में षिक्षक उन्मुखीकरण कार्यषाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता, सरस्वती व संतजी की मूर्ति पर माल्र्यापण व दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया।
सर्वप्रथम विद्यालय के महासचिव कन्हैयालाल रामनानी ने षिक्षक उन्मुखीकरण प्रषिक्षण कार्यषाला पर अपने ओजस्वी विचार रखते हुए बताया कि हमको जिनसे प्रेरणा सबल उत्साह व शक्ति मिलती है ऐसे मार्गदर्षक एवं प्रेरणास्त्रोत श्रद्धेय सिद्ध भाउजी हमारे बीच उपस्थित हुए हैं क्योंकि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही मार्गदर्षन अत्यंत आवष्यक है जो हमें हमारे गुरु ही प्रदान करते हैं, आप सभी षिक्षक है और षिक्षक को सदैव विद्यार्थी बनकर ही रहना पड़ता है नई-नई चीजें सीखना हमारा अधिकार है हमें ज्ञान बांटते रहना चाहिए, ज्ञान बांटने से ही बढ़ता है षिक्षक अलग-अलग तरीकें से सीखेंगें तो विद्यार्थियों को भी सिखा पाएंगें अतः स्वयं का आंकलन करें और निरंतर सीखते रहने की प्रक्रिया को अपनाते हुए षिक्षक अपने दायित्व, चुनौतियों को महसूस करें एवं विद्यार्थियों को नेक इंसान बनाकर समाज के सामने प्रस्तुत करें।
संतजी के उत्तराधिकारी हमारे मार्गदर्षन एवं प्रेरणास़़्त्रोत श्रद्धेय सिद्ध भाउजी ने सभागार में उपस्थित सभी षिक्षक-षिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए बताया कि बच्चों को षिक्षा हेतु प्रेरित करने के लिए हमें उनके साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करना चाहिए क्योंकि बच्चों को प्यार की भाषा समझ में आती है साथ ही उनकी तारीफ करें इससे बच्चे स्वाभिमानी बनते हैं इसके साथ उन्हें टाईम टेबिल बनाने हेतु प्रेरित करें इससे उनके समय का सद्पयोग होगा और पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों के लिए भी उन्हें टाईम मिलेगा साथ ही बच्चों को स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक खाना खाने के साथ अंकुरित अनाज सेवन करने की आदत डालें।
कार्यक्रम में सुधार सभा के अध्यक्ष हीरो ज्ञानचंदानी ने अपने विचार रखते हुए बताया कि संतजी की कृपा से षिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत कार्य हुए हैं स्वामीजी कहते थे बच्चों के लिए षिक्षा अत्यंत आवष्यक है षिक्षा के बिना कोई भविष्य नहीं हैं।
षिक्षक उन्मुखीकरण प्रषिक्षण कार्यषाला के अवसर पर सुधार सभा के कोषाध्यक्ष आइलदास साधवानी ने बताया कि षिक्षक गुड माॅर्निंग के साथ क्लास में प्रवेष करें प्री-प्राईमरी से ही यह आदत डालें बच्चों की काॅपियां चेक करने में मिस्टेक न करें क्योंकि बच्चों को आपके ऊपर बहुत विष्वास है और उनके विष्वास को आपको ही कायम रखना है और हमारा उद्देष्य बच्चों को सही इंग्लिष सिखाना आना चाहिए आपके ज्ञान से बच्चे अवष्य ही आगे बढ़ेंगें इसके लिए आपने षिक्षिकाओं को इंग्लिष स्पोकन का प्रषिक्षण दिया, जिससे विद्यालय के साथ-साथ षिक्षिकाएं भी आगे बढ़ेंगी।
इस कार्यक्रम के प्रथम सत्र में विद्यासागर पब्लिक स्कूल की पूर्व उप प्राचार्या श्रीमती जयश्री मूर्ति ने षिक्षकों को संबोधित करते हुए बताया कि सर्वप्रथम षिक्षक को समय का पाबंद होना अत्यंत आवष्यक है इससे बच्चों में भी समय की पाबंदी का गुण आयेगा तत्पष्चात आपने बताया कि आज का युग आॅटिफिषियल इंटेलिजेंस का युग है, षिक्षा लगातार सीखने की प्रक्रिया है लगातार पढ़ाते-पढ़ाते हम ऊब जाते है इसलिए बीच-बीच में चेंज करते रहना चाहिए, एवं षिक्षक को हर वक्त नई-नई चीजें सीखकर विद्यार्थियों को सिखाना चाहिए साथ ही योग, मेडीटेषन, एक्ससाइज करें और बच्चों को भी प्रेरित करें, इसके लिए क्लास में क्विज काॅम्पीटिषन रखें इससे बच्चों के एक्षन, रीएक्षन सामने आते है और बच्चे अपनी बात षिक्षकों के आगे रख पाते हैं और आपने बताया कि आज के युग में बच्चों को पढ़ाना ही पर्याप्त नहीं हैं उन्हें अच्छा माहौल देना भी जरुरी है, षिक्षकों को सभी के साथ मिलजुलकर तथा आपसी तालमेल बनाकर कार्य करना चाहिए, नई-नई तकनीको को अपनाते हुए समाज के साथ चलना चाहिए।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुतापा जाॅयसवाल ने षिक्षण प्रषिक्षण कार्यषाला में आए हुए अतिथियों का उनके ओजस्वी विचार का आभार व्यक्त किया।
षिक्षक प्रषिक्षण सेमीनार में विद्यालय की उप प्राचार्या श्रीमती स्वाति कलवानी एवं बड़ी संख्या में षिक्षक षिक्षिकाएं उपस्थित थे। मंच संचालन श्रीमती ममता जनियानी द्वारा किया गया।





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