Homeभोपालकलेक्टर मिश्रा ने ईटखेड़ी में स्व-सहायता समूहों की दीदियों से की मुलाकात,...

कलेक्टर मिश्रा ने ईटखेड़ी में स्व-सहायता समूहों की दीदियों से की मुलाकात, आजीविका गतिविधियों का किया अवलोकन

ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर कलेक्टर का जोर

गोलखेड़ी में गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण, किसानों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की ली जानकारी

    कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने भोपाल जिले के “एक जिला – एक उत्पाद” पहल के अंतर्गत ईटखेड़ी स्थित समर्थन सीएलएफ सेंटर का भ्रमण कर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जरी-जरदौजी, जूट तथा बांस से निर्मित उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन किया और महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर ने समूहों को आजीविका गतिविधियों को और सशक्त बनाने तथा योजनाबद्ध तरीके से स्कूल के बच्चों के आवागमन के लिए आजीविका एक्सप्रेस संचालित करने का भी सुझाव दिया।

कलेक्टर मिश्रा ने ग्राम पंचायत के नागरिकों और बच्चों से भी संवाद कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और ड्रॉप-आउट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। ईटखेड़ी, गोलखेड़ी और बीनापुर की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने क्षेत्र में पेयजल की समस्या से अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आसपास की ग्राम पंचायतों में हलाली बांध परियोजना के माध्यम से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

ईटखेड़ी समर्थन सीएलएफ की 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं लखपति दीदियों में शामिल

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी ने बताया कि ईटखेड़ी समर्थन सीएलएफ से लगभग 4000 महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से जुड़ी हुई हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं “लखपति दीदी” के रूप में उभर रही हैं। ये महिलाएं पशुपालन, बैंक सखी, टैक्स कलेक्शन, सिलाई-कढ़ाई तथा अन्य व्यवसायों के माध्यम से स्वयं और अपने परिवार को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं।

उन्होंने बताया कि स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम, माइक्रो एंटरप्राइज डेवलपमेंट और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना जैसे कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। पारंपरिक उत्पाद जैसे हैंडलूम, जरी-जरदोजी और जूट एवं बांस के हस्त निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने आंगनवाड़ी केंद्रों को नर्सरी शिक्षा के रूप में विकसित किए जाने की जानकारी देते हुए महिलाओं से अपील की कि वे अपने बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में अवश्य भेजें, जिससे बच्चों का समग्र विकास और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित हो सके। इस दौरान समूह की महिलाओं ने कलेक्टर को हस्तनिर्मित जरी-जरदौजी का शॉल एवं जैविक फूलों से बना गुलदस्ता भेंट किया।

गोलखेड़ी में गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण

कलेक्टर श्री मिश्रा ने ग्राम पंचायत गोलखेड़ी के मां संतोषी वेयरहाउस में संचालित गेहूं उपार्जन केंद्र का भी निरीक्षण किया। खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के लिए 37 हजार 407 किसानों ने पंजीयन कराया है और जिले के 91 केंद्रों पर खरीदी जारी है। वर्तमान स्थिति में 4 हजार 315 किसानों से लगभग 33633 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने केंद्र पर पहुंचे किसानों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीनापुर में “मां की बगिया” का भी निरीक्षण किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी, एसडीएम श्री विनोद सोनकिया, जनपद सीईओ श्रीमती शिवानी मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
Jharkhand
overcast clouds
26.4 ° C
26.4 °
26.4 °
63 %
0.9kmh
99 %
Thu
26 °
Fri
40 °
Sat
41 °
Sun
41 °
Mon
41 °

Most Popular

error: Content is protected !!