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शिक्षक उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन, शिक्षकों को जहां भी सीखने का मौका मिलें वह अवश्य सीखें और बच्चों को भी सिखाने का प्रयास करें: के.एल. रामनानी

संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट में साधु वासवानी/मुकिता इंटरनेषनल स्कूल की षिक्षिकाओं का षिक्षक उन्मुखीकरण प्रषिक्षण कार्यषाला का समापन किया गया।

सर्वप्रथम विद्यालय के महासचिव कन्हैयालाल रामनानी ने शिक्षक उन्मुखीकरण प्रषिक्षण कार्यशाला के अवसर पर आए हुए अतिथियों का परिचय दिया एवं बताया कि आज के सेमीनार का विषय है (नो मोर सिलो लर्नर) इसके अंतर्गत वह बच्चे आते हैं जो धीरे-धीरे ही सीख पाते हैं, तत्पष्चात आपने बताया कि शिक्षकों का प्रयास सराहनीय है परंतु इसमें और सुधार की आवष्यकता है क्योंकि शिक्षकों का दायित्व बहुत बड़ा होता है और आपके हाथ में ही बच्चों की बागडोर है इसलिए शिक्षा के प्रयासों को और भी सुदृढ़ करने की आवष्यकता है।

कार्यक्रम में सुधार सभा के अध्यक्ष हीरो ज्ञानचंदानी ने अपने विचार रखते हुए बताया कि शिक्षा का क्षेत्र ऐसा क्षेत्र है जहां बच्चों का भविष्य निर्धारित होता है इसलिए इस साल हमें ऐसे कदम उठाने हैं जिससे बच्चों का रिजल्ट शत्-प्रतिशत आए क्योंकि बच्चे देष का भविष्य है और उनका भविष्य निर्धारित करना शिक्षकों के ही हाथ में हैं।

शिक्षक उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला के अवसर पर कीर्ति तोलानी (संसाधन मधुबन एज्यूकेशनल बुक) से पधारी उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए बताया कि हर कक्षा में तीन तरह के बच्चे होते हैं सिलो, मीडियम, फास्ट आजकल के छोटे-छोटे बच्चे मोबाइल चला रहे हैं उन्हें मोबाइल चलाना किसने सिखाया उनके इंटरेस्ट ने। इसी प्रकार अगर षिक्षक मनोरंजक (एक्टीविटी) के माध्यम से बच्चे को सिखाए तो वह अवष्य सीखेगा। बच्चे का मन क्लास में लगे इसके लिए हमें बच्चों के साथ कम्युनिकेशन सेट करना होगा, तो आप उनके सामने अपना व्यवहार आत्मीयता वाला रखें आपका व्यवहार देखकर वह अपनी बातों को आपके सामने रख पाएगा क्योंकि बच्चों को षिक्षक का अटेंशन चाहिए होता है उसके साथ बच्चों को जिम्मेदारी देनी चाहिए इससे वह जिम्मेदारी नागरिक बनेगा इसमें आप अभिभावकों को भी साथ ले सकते हैं शिक्षक और अभिभावक के सहयोग से बच्चा अवष्य ही अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएंगा।

शिक्षक उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला के अवसर पर सुधार सभा के उपाध्यक्ष आइलदास साधवानी ने अपने उद्बोधन में शिक्षिकाओं को बताया कि आप विद्यार्थियों से इंग्लिश में छोटे-छोटे शब्द बोलकर शुरुआत करें इससे आप हिन्दी की तरह ही अंग्रेजी में भी बात कर पाएंगें, इसके लिए आपने शिक्षिकाओं को इंग्लिश स्पोकन का प्रशिक्षण दिया, जिससे विद्यालय के साथ-साथ शिक्षिकाएं भी आगे बढ़ेंगी।

शिक्षक उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला के अवसर पर वरुण ठाकुर उपस्थित हुए उन्होंने शिक्षिक-शिक्षिकाओं को स्मार्ट पेनल बोर्ड की विस्तार से ट्रेर्निंग दी।

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुतापा जाॅयसवाल एवं उपप्राचार्या श्रीमती स्वाति कलवानी ने कीर्ति तोलानी का शाल-श्रीफल से सम्मान किया। 

तत्पष्चात विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुतापा जाॅयसवाल ने शिक्षण प्रशिक्षण कार्यशाला में आए हुए अतिथियों का उनके ओजस्वी विचार का आभार व्यक्त किया।

षिक्षक प्रषिक्षण सेमीनार में विद्यालय की उपप्राचार्या श्रीमती स्वाति कलवानी, श्री लखन भागचंदानी एवं बड़ी संख्या में षिक्षक-षिक्षिकाएं उपस्थित थे। मंच संचालन श्रीमती ममता जनियानी द्वारा किया गया।     

  

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