वर्ष 1994 में परम पूज्य परम्हंस संत हिरदाराम साहिबजी के दिव्य आशीर्वाद से स्थापित जीव सेवा संस्थान (JSS) आज श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी के मार्गदर्शन में समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
अपने स्थापना काल से अब तक, जीव सेवा संस्थान द्वारा 45 लाख से अधिक जरूरतमंद लोगों के जीवन को स्पर्श कर उनमें सकारात्मक परिवर्तन लाया गया है। “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए संस्थान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है।
मुख्य सेवा क्षेत्र:
- शिक्षा: आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को छात्रवृत्ति, उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा में सहयोग।
- स्वास्थ्य: निःशुल्क नेत्र शिविरों का आयोजन एवं कैंसर, थैलेसीमिया, किडनी/लीवर ट्रांसप्लांट एवं हृदय सर्जरी जैसे गंभीर उपचारों हेतु आर्थिक सहायता।
- परिवार सहायता: जरूरतमंद परिवारों को मासिक राशन एवं विधवाओं को आर्थिक सहयोग।
- सामाजिक सेवाएं: निर्धन कन्याओं के विवाह में सहायता, गर्भवती माताओं के लिए पोषण, अंतिम संस्कार सहायता, सर्दियों में कंबल वितरण एवं गर्मियों में प्याऊ की स्थापना।
- शासकीय परियोजनाओं में योगदान: संस्थान द्वारा शासकीय अस्पतालों एवं विद्यालयों में महिला वार्ड, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल सुविधाओं का निर्माण किया गया है। साथ ही कोविड-19 महामारी में अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियां: वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संस्थान ने हजारों लाभार्थियों तक अपनी सेवाएं पहुंचाईं। इस वर्ष 279 छात्रों को स्कूल शिक्षा में सहायता, 304 छात्रों को उच्च शिक्षा में सहयोग, 110 कन्याओं को विवाह सहायता, 315 विधवाओं को प्रतिमाह सहायता, 842 परिवारों को प्रतिमाह राशन, 1798 जरूरतमंदों को कंबल तथा 94 मरीजों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष संस्थान ने गंभीर रोगों से पीडीत 31 मरीजों को आर्थिक सहायता देकर उनके जीवन में आशा की एक किरण प्रदान की है। इन मरीजों में 13 किडनी के मरीज, 6 पैरालीसिस के मरीज, 1 केंसर का मरीज, 4 मरीज थैलसीमिया व 7 गंभीर ह्रदय रोगी थे।
जीव सेवा संस्थान समाज के सहयोग एवं सहभागिता से सेवा के इस मिशन को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी जरूरतमंदों के जीवन में आशा की किरण बनकर कार्य करता रहेगा।
संस्थान अपने सभी देश विदेश के दानदाताओं, समाज के शुभचिंतकों, राज्य एवं केंद्र. शासन का उनके प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोग के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करता है।




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