राजधानी भोपाल के कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। उन पर कुख्यात बदमाश यासीन मलिक को संरक्षण देने के गंभीर आरोप है। शिकायत पुलिस कमिश्नर तक पहुंचने के बाद टीआई और एक हवलदार पर अर्थदंड लगाया गया है।
दरअसल, यासीन ने जिला बदर के दौरान शहर में घूमकर मारपीट और तोड़फोड़ की थी। जब मुखबिर इसकी जानकारी देने थाने पहुंचा तो TI के जी शुक्ला ने उन्हें वहां से भगा दिया। इसके बाद मुखबिर ने सीधे पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर पूरी दास्तान सुनाई।
कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लिया और TI को जमकर फटकार लगाई। जिसके बाद TI शुक्ला ने आनन-फानन में जिला बदर का उल्लंघन करने पर यासीन मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं लापरवाही बरतने पर कमिश्नर ने TI शुक्ला पर 50 हजार और हवलदार रामभरत सुमन पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया।
मुखबिर की शिकायत पर TI को सजा, पुलिस कमिश्नर की कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार ने आज अपनी टीम को एक सख्त संदेश दिया है। उन्होंने एक मुखबिर की शिकायत पर कोहेफिजा थाने के TI को सजा सुना दी। मुखबिर का कहना था कि उसकी सूचना पर इंस्पेक्टर ने कार्रवाई नहीं की उल्टा उसे थाने से भगा दिया।





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